
रामराज कॉटन ने भवानी के जमक्कलम में दिए नए आयाम, स्टाइलिश कार्पेट्स और टोट बैग्स के साथ
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कोयम्बटूर, तमिलनाडु | 27 अप्रैल 2024
रामराज कॉटन ने भवानी के कारीगरों के साथ मिलकर जमक्कलम के पारंपरिक शिल्प में नवीनता लाई है। इस पहल के तहत कंपनी ने हस्तनिर्मित जीआई टैग प्राप्त सामग्रियों से बने स्टाइलिश कार्पेट्स और टोट बैग्स की नई श्रृंखला प्रस्तुत की है, जिसने स्थानीय कारीगरों के कौशल को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है।
भवानी के हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, रामराज कॉटन ने न केवल उत्पादों का उत्पादन बढ़ाया है बल्कि हस्तकला को संरक्षित करने एवं उसे बाजार में स्थायी बनाने के लिए दो पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं। ये पुस्तकों में जीआई (Geographical Indication) टैग के महत्व एवं जमक्कलम के निर्माण की परंपरा को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
रामराज कॉटन के प्रबंध निदेशक ने बताया कि इस सहयोग से भवानी के कारीगरों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिली है। ‘‘हमारा लक्ष्य है कि इस पारंपरिक हस्तशिल्प को युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं और साथ ही स्थानीय समुदाय की आजीविका में सुधार करें।’’
जमक्कलम एक प्रकार का हाथ से बुना गया कंबल है जो अपनी गुणवत्ता और डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है। इस हस्तशिल्प को भारत सरकार द्वारा जीआई टैग प्राप्त है, जिससे इसकी विशिष्टता और संरक्षण सुनिश्चित होता है। रामराज कॉटन द्वारा इस परंपरा को निरंतरता देने से कारीगरों को नई उम्मीदें और रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, टोट बैग जैसे नए उत्पादों ने बाजार में पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में भी लोकप्रियता हासिल की है। इन बैगों में भवानी के पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो फैशन और संस्कृति दोनों को समेटे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रामराज कॉटन की यह पहल न केवल भवानी के हस्तशिल्प की पुनरुज्जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के कुटीर उद्योगों को नई दिशा देने वाली है। इसके माध्यम से स्थानीय कारीगरों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना संभव होगा।
इस नई श्रृंखला की सफलता से उम्मीद की जा रही है कि अन्य क्षेत्र भी अपने पारंपरिक शिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे उदाहरणों का अनुसरण करेंगे। साथ ही, इस प्रकार की सांस्कृतिक मेहनत से आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण दोनों को लाभ मिलेगा।



