
‘हमेशा एक दूसरा रास्ता होता है’: रिक एलन के जीवन, ड्रमिंग और डिफ लेपर्ड के भारत के पहले दौरे पर विचार
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बेंगलुरु, कर्नाटक | 29 मार्च
ड्रम्मिंग की दुनिया का एक अनोखा नाम और रॉक के इतिहास में अपनी छाप छोड़ने वाले डिफ लेपर्ड के प्रमुख ड्रमर रिक एलन ने हाल ही में अपने भारत दौरे के अंतिम चरण में बेंगलुरु में अपने सफर, पुनर्निर्माण और रॉक की दुनिया के प्रति अपनी निष्ठा पर गहराई से बातचीत की। सदस्य रॉक एन रोल हॉल ऑफ फेम के सदस्य रिक एलन ने एक भयंकर हादसे के बाद अपने करियर को फिर से आकार दिया और एक भले ही चुनौतीपूर्ण जीवन में भी संगीत को अपना सहारा बनाया।
डिफ लेपर्ड का भारत दौरा, जो 29 मार्च को बेंगलुरु में सम्पन्न हुआ, इतिहास में पहली बार हुआ जब यह प्रतिष्ठित ब्रिटिश रॉक बैंड यहां अपनी प्रस्तुति लेकर आया। गुज़रते वर्षों में हिस्टेरिया जैसे महत्वाकांक्षी एल्बम और उनके दौर ने उन्हें वैश्विक स्तर पर एक विशेष जगह दिलाई। रिक एलन, जिनका एक हाथ नहीं है, ने अपने जीवन में संयम और आत्मविश्वास के महत्त्व को समझाते हुए कहा कि ‘‘हमेशा एक रास्ता होता है,’’ जो हमें नुकसान या कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ने का मौका देता है।
रिक एलन के अनुसार, रॉक संगीत न केवल उन्हें अपने दर्द से उबरने की ताकत देता है, बल्कि यह हार्दिक दौड़ से राहत भी प्रदान करता है। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार सुनने वाले और दर्शकों के साथ उनका जुड़ाव उनकी प्रेरणा का स्रोत बनता है। भारतीय दर्शकों की उत्सुकता और जोश ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है।
डिफ लेपर्ड के भारत दौरे को देश में रॉक संगीत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस दौरे ने भारत के युवा संगीत प्रेमियों में एक नई उम्मीद और ऊर्जा का संचार किया है। बेंगलुरु में आयोजित अंतिम कंसर्ट में, रिक एलन ने अपनी विरासत और संगीत के माध्यम से पुन: उत्थान की कहानी साझा की, जिसने सभी को प्रेरित किया।
यह भारत यात्रा न केवल बैंड के लिए बल्कि रॉक संगीत के भारतीय प्रशंसकों के लिए भी बेहद खास रही। रिक एलन और डिफ लेपर्ड ने साबित किया कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, संगीत की शक्ति और आत्मविश्वास से हर बाधा को पार किया जा सकता है। भारतीय मंच पर यह पहली प्रस्तुति यादगार और प्रेरणादायक साबित हुई, जिसने उम्मीद जगाई कि भविष्य में और भी ज़बरदस्त प्रस्तुति देखने को मिलेगी।



