
शिक्षा मंत्रालय ने NCERT को डिम्ड यूनिवर्सिटी घोषित किया
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
नई दिल्ली, 30 मार्च: शिक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च को एक अहम निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। इस अधिसूचना के अनुसार, अब NCERT विभिन्न शैक्षिक कोर्स उपलब्ध कराने के साथ-साथ छात्रों को डिग्री भी प्रदान कर सकेगा।
इस अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि NCERT द्वारा चलाए जाने वाले सभी अकादमिक कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप होंगे। इसका उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और मानकीकरण को सुनिश्चित करना है।
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस कदम से NCERT को अपनी शैक्षिक विविधताओं को और बेहतर तरीके से संरचित करने तथा नए पाठ्यक्रम पेश करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, यह निर्णय भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा जहां अनुसंधान और शिक्षा को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
NCERT का उपयोग देश भर के स्कूलों में पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री प्रदान करने में होता है। डिग्री प्रदान करने की अनुमति मिलने के बाद, यह संस्था शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान, और बच्चों के विकास के क्षेत्र में अपने कार्य को और अधिक व्यापक बना सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से NCERT को उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने और नई शैक्षिक पहलों को लागू करने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ प्रमाणित डिग्री हासिल करने का अवसर भी मिलेगा, जो उनके करियर के लिए फायदेमंद होगा।
हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान UGC के नियमों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक होगा, ताकि शैक्षिक मानकों में किसी भी प्रकार का समझौता न हो। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि NCERT के कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
यह निर्णय देश की शिक्षा क्षेत्र में सुधारों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो शिक्षा के नए आयाम स्थापित करेगा और विद्यार्थियों, शिक्षकों, तथा अनुसंधानकर्ताओं के लिए नए अवसर खोलेगा।



