
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: डेयरी किसानों की मुख्य समस्याओं पर ध्यान न देने को लेकर चिंता
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सक्रिय राजनीतिक माहौल के बीच डेयरी किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री म.ग. राजेंद्रन ने बताया कि डीएमके ने अपने घोषणापत्र में किसानों के लिए प्रति लीटर दूध की खरीद मूल्य में 5 रुपये की बढ़ोतरी का वादा किया है, लेकिन एआईएडीएमके, एनटीके और टीवीके ने इस मुद्दे पर अभी तक अपनी स्पष्ट स्थिति नहीं जाहिर की है।
डेयरी किसान जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लगातार अपनी आय में सुधार की मांग कर रहे हैं। दूध की उचित कीमत न मिलने के कारण कई किसान आर्थिक दबाव में हैं। म.ग. राजेंद्रन के अनुसार, डीएमके ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकल्प लिया है, जबकि अन्य प्रमुख पार्टियाँ इस पर स्पष्टीकरण देने में संकोच कर रही हैं।
राज्य में डेयरी क्षेत्र में कार्यरत हजारों किसान प्रतीक्षा कर रहे हैं कि चुनाव के दौरान उनके महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यधारा के राजनीतिक दल समर्थन दें। खरीद मूल्य वृद्धि उनके लिए जीवन स्तर सुधारने का एकमात्र साधन है। इसके बिना उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
किसानों का यह भी कहना है कि सरकारों की ओर से घोषित घोषणाएँ चुनावी राजनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं, जबकि उनकी वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है। उनका मानना है कि केवल वादे करने की जगह ठोस नीतिगत प्रावधान चाहिए, जिससे दूध उत्पादन को प्रोत्साहन मिले और उनकी आमदनी में स्थिरता आये।
अगले विधानसभा चुनावों के दौरान यह देखना होगा कि राजनीतिक दल डेयरी किसानों के मुद्दों को कितना गंभीरता से लेते हैं और उनके जीवन में सुधार हेतु कौन-कौन सी नीतियाँ अपनाते हैं। फिलहाल, डेयरी किसानों की चिंता निरंतर बनी हुई है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके महत्वपूर्ण मुद्दों को चुनावी एजेंडे में पर्याप्त स्थान नहीं मिला है।



