
‘सवुक्कु’ शंकर को मां के अंतिम संस्कार के लिए तीन दिन की पैरोल मिली
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चेन्नई, 14 अप्रैल 2026: जेल में बंद ‘सवुक्कु’ शंकर को उनकी मां के निधन के बाद तीन दिनों की पैरोल मिली है। यह पैरोल उनकी कानूनी टीम द्वारा सोमवार को दी गई याचिका के आधार पर स्वीकृत की गई है, जिसमें शंकर की मां के अचानक निधन की जानकारी दी गई थी।
शंकर, जो वर्तमान में विभिन्न आरोपों में जेल में बंद हैं, ने मां के निधन की वजह से जेल प्रशासन से शोकाकुल परिवार के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। पिछली याचिका 13 अप्रैल 2026 को उनके वकील द्वारा प्रस्तुत की गई थी, जिसमें सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और मानवीय आधारों पर पैरोल की आवश्यकता जताई गई।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पैरोल आवेदन को गंभीरता से लिया गया और सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों के तहत मंजूरी प्रदान की गई। उन्होंने पुष्टि की कि शंकर को जेल से तीन दिन की छूट दी गई है, ताकि वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकें और अंतिम संस्कार के रीति-रिवाजों में भाग ले सकें।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, माताजी के अंतिम संस्कार में शामिल होना एक संवेदनशील मामला होता है, जिसे न्याययपूर्ण विचार-विमर्श के बाद प्राथमिकता दी जाती है, इसीलिए इसे मानवीय आधार पर पैरोल प्रदान करने का एक सामान्य प्रावधान माना जाता है।
हालांकि, शंकर की सुरक्षा और पुनः गिरफ्तारी को सुनिश्चित करने के लिए जेल प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद शंकर को जेल वापस लाना आवश्यक होगा।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, मानवाधिकार संगठन भी इस निर्णय की सराहना कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि यह मानवीय संवेदनाओं के प्रति प्रशासन की समझ और न्यायपालिका की सहानुभूतिपूर्ण प्रकृति को प्रदर्शित करता है।
शंकर के करीबियों ने भी इस कदम को प्रशंसनीय बताया और उम्मीद जताई कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी माताजी को अंतिम विदाई दे सकेंगे।
फिलहाल, शंकर की पैरोल जारी है और उनके परिवार ने भी इस मौके को महत्वपूर्ण बताया है। पुलिस और प्रशासन दोनों ने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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