स्वास्थ्य

अस्वीकृत विभागों से प्राप्त शिक्षण अनुभव मान्य नहीं होगा, National Medical Commission ने किया स्पष्ट


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

नई दिल्ली: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी करते हुए कहा है कि अस्वीकृत विभागों से प्राप्त शिक्षण अनुभव को मान्यता नहीं दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा के मानकों को उच्च स्तर पर बनाए रखना और मान्यता प्राप्त नियमों के अनुसार शिक्षण और प्रशिक्षण को सुनिश्चित करना है।

NMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण को नवीनतम नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें विशेष रूप से पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस, 2023, और मेडिकल इंस्टिट्यूशंस (फैकल्टी के योग्यताएं) रेगुलेशंस, 2025 का अनुपालन शामिल है।

चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। NMC ने कहा है कि जिन संस्थानों और विभागों को आयोग द्वारा मान्यता नहीं मिली है, वहां से प्राप्त शिक्षण अनुभव को उम्मीदवारों के कैरियर विकास में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे चिकित्सा शिक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।

एनएमसी के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने बताया, “हम चिकित्सा शिक्षा के हर पहलू की समीक्षा कर रहे हैं ताकि देश में डॉक्टरों की गुणवत्ता यात्रा और विश्वसनीय बनी रहे। इसी मकसद से हमने पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के नियमों को अपडेट किया है।”

इसके अतिरिक्त, NMC ने सुविधाओं और योग्यताओं के मानकों को बढ़ाने के लिए चिकित्सा संस्थानों की नियमित जांच प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान अपनी फैकल्टी के लिए निर्धारित योग्यताओं का अनुपालन कर रहे हैं और विभाग पूरी तरह से मान्यता प्राप्त हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई नीति चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने में मदद करेगी। इससे उन्हें उचित प्रमाणित प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जो उनके पेशेवर विकास के लिए जरूरी है।

इस निर्णय का प्रभाव न केवल मेडिकल कॉलेजों पर पड़ेगा, बल्कि उन उम्मीदवारों पर भी होगा जो अपनी योग्यता और अनुभव को लेकर भ्रमित हैं। ऐसे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शिक्षण अनुभव का सत्यापन और मान्यता जरूर कराएं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अंततः, नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए आशा जताई है कि इससे देश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा और गुणवत्ता युक्त चिकित्सकों का सृजन होगा जो देशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बनाएंगे। NMC की यह नीति देश के सभी चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में गंभीरता से लागू की जाएगी।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Back to top button