
विश्व चैम्पियनशिप में खेलना एक सपनों जैसा पल: री वैशाली ने चैस कन्टेंडर्स खिताब के बाद कहा
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नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए कैन्डिडेट्स शतरंज प्रतियोगिता के समापन के दौरान भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी री वैशाली ने इस टूर्नामेंट के बारे में अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक और चुनौतीपूर्ण था, जिसने सभी खिलाड़ियों के लिए खेल को काफी रोमांचक बना दिया।
री वैशाली ने कहा, “कैन्डिडेट्स टूर्नामेंट की अंतिम चरणों में मुकाबला बेहद कड़ा था। हर खिलाड़ी ने अपनी पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन किया था। मुझे गर्व है कि मैंने इस कठिन प्रतिस्पर्धा में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।”
उन्होंने आगे बताया कि इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर उनके लिए यह अनुभव बेहद मूल्यवान रहा क्योंकि विश्व की शीर्ष खिलाड़ी एक मंच पर नजर आईं। उनका कहना था कि इस स्तर की प्रतियोगिता में खेलना उनके करियर के लिए एक नया अध्याय खोलने जैसा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि विडंबना यह है कि भारतीय महिलाओं की शतरंज में उभरती प्रतिभा ने विश्व स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की है। री वैशाली के इसी प्रदर्शन ने भारतीय शतरंज को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
वर्तमान विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी में वैशाली का आत्मविश्वास चरम पर है। उन्होंने कहा कि वह विश्व चैम्पियनशिप में भाग लेकर अपने देश का नाम रोशन करना चाहती हैं और यह उनके लिए एक सपनों को साकार करने जैसा पल होगा।
भारतीय शतरंज संघ के सचिव ने वैशाली के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “री वैशाली ने देश का नाम विश्व मंच पर गर्व से उठाया है। हमें उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण पर नितांत गर्व है।”
इस प्रतियोगिता के दौरान वैशाली ने अपनी रणनीतियों और खेल कौशल में जो सुधार किया है, उससे उनके प्रशंसक काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि इस अनुभव ने उन्हें भविष्य के टॉप टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया है।
साथ ही, वैशाली ने युवा खिलाड़ियों के लिए भी संदेश दिया कि शतरंज में सफलता पाने के लिए धैर्य और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि आप अपने लक्ष्यों के प्रति सच्चे और समर्पित हैं तो कोई भी चुनौती आपके मार्ग को रोक नहीं सकती।
अंत में, री वैशाली ने अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और आगे भी अपने खेल को निखारने के लिए पूरी मेहनत करने का संकल्प लिया। उनकी यह यात्रा भारतीय शतरंज इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद की जाएगी।



