ताजा खबरराष्ट्रीय

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत में एलपीजी खपत में 13% की गिरावट


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

नई दिल्ली। भारत में घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की खपत में पिछले वर्ष की तुलना में मार्च माह में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 में एलपीजी की खपत 2.379 मिलियन टन रही, जो कि पिछले साल इसी अवधि में 2.729 मिलियन टन के मुकाबले 12.8 प्रतिशत कम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष इस गिरावट की एक अहम वजह हैं। इस क्षेत्र का भारत के ऊर्जा आयात में महत्वपूर्ण स्थान है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही घरेलू मांग पर भी असर पड़ा है, जो इंडस्ट्री और घरेलू उपयोग में खपत को कम करने का कारण बना है।

पिछले कुछ महीनों से वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता ने भी ऊर्जा क्षेत्र की मांग और आपूर्ति को प्रभावित किया है। सरकार की ओर से ईंधन विविधीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद एलपीजी की खपत में यह गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।

विभिन्न राज्यों में घरेलू उपयोग की स्थिति भी प्रभावित हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां एलपीजी गैस पर अत्यधिक निर्भरता रही है। इसके अलावा, आयात दरों में बढ़ोतरी ने भी कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे कई उपभोक्ताओं ने एलपीजी के कम उपयोग को प्राथमिकता दी।

सरकारी ऊर्जा मंत्रालय ने इस संदर्भ में कहा है कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि घरेलू आपूर्ति पर कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विगत वर्षों की तुलना में एलपीजी खपत में यह कमी आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों की एक झलक प्रस्तुत करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्दी समाप्त नहीं हुआ तो ऊर्जा क्षेत्र के कई पहलुओं पर इसका और गहरा असर पड़ सकता है। इन हालात को ध्यान में रखते हुए भारत ऊर्जा आयात स्रोतों को विविध बनाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

निष्कर्षतः, मार्च 2024 में एलपीजी खपत में 13 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्शाती है कि वैश्विक और क्षेत्रीय तनाव भारत की ऊर्जा मांग और आपूर्ति को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। आगे की आर्थिक योजनाओं के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण संकेत देता है कि सरकार और उद्योग दोनों को नई रणनीतियों के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Back to top button