
केरल ने अस्पतालों में हुई चूक के बाद जारी किया सर्जिकल सुरक्षा प्रोटोकॉल
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
केरळ सरकार ने 15 अप्रैल के आदेश के अनुसार राज्य भर में अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नए सर्जिकल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य ऑपरेशन से पूर्व मरीजों की सही पहचान, जांच और आवश्यक दस्तावेजीकरण को कड़ाई से लागू करना है, जिससे सर्जरी के दौरान किसी भी प्रकार की चूक और त्रुटि को रोका जा सके।
सरकार ने बताया कि इन नए नियमों के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सर्जिकल प्रक्रिया शुरू करने से पहले मरीज की पहचान की पुष्टि करनी होगी और ऑपरेशन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों को ठीक प्रकार से तैयार तथा सुरक्षित रखना होगा। यह कदम राज्य में तेजी से बढ़ती हुई अस्पतालों में हुई गलतियों और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “हम मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। इन प्रोटोकॉल के अंतर्गत सर्जिकल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी अस्पतालों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा और समय-समय पर इनका निरीक्षण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की सही पहचान और दस्तावेजों की जांच से चिकित्सकीय त्रुटियों में काफी कमी आएगी और मरीजों के लिए सर्जिकल प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी। प्रोटोकॉल में मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, एलर्जी, और ऑपरेशन से संबंधित जरूरी जानकारियों को भी दर्ज करना शामिल है।
इस नए दिशा-निर्देश के तहत अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कर्मचारियों को सर्जिकल सुरक्षा के मानकों और नई प्रक्रियाओं की जानकारी पूरी तरह दी गई हो। साथ ही, मरीजों और उनके परिजनों को भी सर्जरी के जोखिम और सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन नियमों के पालन से न केवल मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि अस्पतालों में सर्जिकल संबन्धी विवादों को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की है कि वे इन नए सर्तों को गंभीरता से लें और अपनी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से अपडेट करें।
इस प्रकार के कदम सरकार की स्वास्थ्य सेवा सुधार की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों को सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।



