
मंत्री शिवंकुट्टी ने कहा: केरल SSLC परिणाम 15 मई को, प्लस टू और VHSE के परिणाम 22 मई को घोषित होंगे
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केरल के शिक्षा मंत्री शिवंकुट्टी ने हाल ही में बताया कि राज्य में SSLC के परिणाम 15 मई को घोषित किए जाएंगे, जबकि प्लस टू और VHSE के परिणाम 22 मई को जारी होंगे। उन्होंने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में दो हजार से अधिक शिक्षक सहभागी नहीं हुए थे, जिसके कारण उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और समय पर परिणाम की घोषणा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “शिक्षकों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी से बिना परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। इसीलिए, गैर-जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।”
शिक्षा विभाग ने बताया कि मूल्यांकन का कार्य अंतिम चरण में है और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जा रहा है। मंत्री शिवंकुट्टी ने कहा, “हमारा लक्ष्य समय पर और सही परिणाम जारी करना है, जिससे छात्र बिना किसी परेशानी के अगले शैक्षणिक स्तर पर आगे बढ़ सकें।”
पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार शिक्षकों की भागीदारी में कमी स्पष्ट हुई है, जिसके लिए विभाग ने आंतरिक जाँच शुरू की है। योग्य और जिम्मेदार शिक्षकों को ही मूल्यांकन प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाएगा ताकि निष्पक्ष और सही अंक उपलब्ध हो सकें।
इस घोषणा से छात्रों और अभिभावकों में राहत की भावना व्याप्त है, क्योंकि परीक्षा परिणामों के देर से जारी होने से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है। शिक्षा मंत्री ने सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सहयोग की अपील भी की है ताकि सभी जल्द से जल्द परिणाम प्राप्त कर सकें।
आगामी 15 मई और 22 मई की तारीखें शिक्षा विभाग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट और अन्य माध्यमों से भी घोषित की जाएंगी। छात्र परिणामों के लिए नियमित रूप से संबंधित पोर्टल और स्कूलों से अपडेट लेते रहें।
केरल सरकार की यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन में हिस्सा न लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभाग परिणाम घोषित होने के बाद भी कार्रवाई जारी रखेगा।
अंत में, शिक्षा मंत्री शिवंकुट्टी ने कहा, “सभी शिक्षकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और जिम्मेदार होना होगा ताकि शिक्षा विभाग की विश्वसनीयता बनी रहे और छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके।”



