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एनटीए की ‘जीरो एरर’ नीति क्यों नाकाम रही? | विस्तृत विश्लेषण


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नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) फिर से विवादों में घिर गया है। वर्ष 2024 के परीक्षा सत्र के दौरान दोबारा से पेपर लीक की खबरों ने छात्रों व अभिभावकों में भारी चिंता पैदा कर दी है। इस बार भी प्रश्नपत्र के लीक होने की समस्याएं उजागर हुई, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसे रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए थे।

NEET की पेपर लीक की घटनाएं अक्सर परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं। इससे परीक्षार्थियों की मेहनत पर असर पड़ता है और प्रणाली की विश्वसनीयता कम होती है। 2024 की परीक्षा में भी आरोप लगे कि पेपर के कुछ प्रश्न सोशल मीडिया पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही वायरल हो गए थे। सवाल उठ रहा है कि NTA के सुरक्षा प्रोटोकॉल बावजूद यह पेपर लीक की घटनाएं क्यों रुक नहीं पा रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, NTA की ‘जीरो एरर’ नीति के बावजूद पेपर लीक के पीछे कई चुनौतियां हैं। इनमें तकनीकी कमियां, परीक्षा केंद्रों की निगरानी में कमी, और परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं का पारदर्शी न होना शामिल हैं। पेपर की छपाई, वितरण और विरोधी धोखाधड़ी प्रावधानों में अक्सर खामियां रह जाती हैं।

2024 के विवाद के बाद सरकारी स्तर पर कुछ सुधार प्रस्ताव भी आए हैं। इनमें पेपर को पूरी तरह से कम्प्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने का सुझाव शामिल है ताकि प्रश्नपत्र के डिजिटल वितरण पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और कड़े दंड नियम लागू करने पर भी विचार चल रहा है।

NEET के कम्प्यूटर आधारित होने से पेपर लीक की संभावना कम होती है क्योंकि प्रश्न परीक्षा शुरू होने के बाद ही प्रत्येक कंप्यूटर पर अलग-अलग प्रदर्शित किए जाते हैं। यह न केवल परीक्षा की निष्पक्षता बढ़ाएगा बल्कि देखरेख के लिए भी मददगार साबित होगा।

फिलहाल, NTA को अनिवार्य रूप से अपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल में और सुधार करना होगा और तकनीकी व प्रशासनिक दोनों तरह के उपायों को बेहतर बनाना होगा। इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, छात्रों में भरोसा कायम होगा और NEET की प्रतिष्ठा सुरक्षित रहेगी।

यह स्पष्ट है कि NEET के पेपर लीक को रोकना केवल तकनीकी कदमों से संभव नहीं है बल्कि सामाजिक जागरूकता, कड़ी निगरानी और मजबूत कानूनी कार्रवाई की भी आवश्यकता है। तभी जाकर यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा अपने मूल उद्देश्य के प्रति सजग और निष्पक्ष रह सकती है।

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