
चेन्नई में अत्यंत संक्रामक ज़ूनोटिक बीमारी से झुनझुना घोड़े की मौत; तमिलनाडु में सतर्कता बढ़ाई गई
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चेन्नई, 27 अप्रैल: चेन्नई के एक जोय राइड घोड़े की अत्यंत संक्रामक ज़ूनोटिक बीमारी के कारण मौत हो गई है, जिससे तमिलनाडु सरकार ने राज्य में अलर्ट मोड घोषित कर दिया है। आईसीएआर (ICAR) के विशेषज्ञों ने तत्काल उन सभी घोड़ों को अलग करने और मॉनिटर करने की सलाह दी है जो संक्रमित घोड़े के साथ रखे गए थे। साथ ही आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक परीक्षण कराने की भी सिफारिश की गई है।
आईसीएआर केंद्र ने राज्य सरकार को सतर्क करते हुए कहा है कि संक्रमित जानवरों के संपर्क में आये सभी घोड़ों को तुरंत पृथक कर जांच करनी आवश्यक है। इसके अलावा, संभावित संक्रमण को नियंत्रण में रखने के लिए घोड़ों के अंतर-राज्यीय आवागमन पर भी सख्त नियम लागू किये जाने चाहिए।
इस बीमारी का नाम सार्वजनिक रूप से अभी नहीं बताया गया है, लेकिन यह एक जूमोटिक रोग माना जाता है, जो एक संक्रमित जानवर से दूसरे जानवर और इंसानों में फैल सकता है। इस प्रकार के संक्रमणों के चलते पशु स्वास्थ्य और मानव स्वास्थ्य दोनों को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
तमिलनाडु पशुपालन विभाग ने शहर के विभिन्न जोय राइड और घोड़ा पालन केंद्रों पर विशेष अधिकारियों को तैनात कर दिया है ताकि बीमारी का संक्रमण रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। विभाग ने कहा है कि संक्रमित क्षेत्रों में घोड़ों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा और संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने के लिए स्वच्छता उपायों को अपनाया जाएगा।
स्थानीय पशुपालकों और व्यवसायियों से अपील की गई है कि वे घोड़ों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखें और किसी भी असामान्य लक्षण की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। साथ ही जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से परहेज करें ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।
इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, राज्य सरकार ने एक दल गठित किया है जो हर स्थिति पर नजर रखेगा और नियमित रूप से साफ-सफाई, निगरानी व परीक्षण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करेगा। आईसीएआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आने वाले दिनों में संक्रमण के फैलाव पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
घोड़ों से जुड़ी यह बीमारी तमिलनाडु के पशुपालन उद्योग के लिए एक चुनौती साबित हो सकती है, इसलिए सभी संबंधित पक्षों को सतर्क और जवाबदेह रहने की जरूरत है। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि यह मामला पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
अंत में, ऐसे रोगों से निपटने के लिए जागरूकता और समय पर कार्रवाई बहुत आवश्यक है, ताकि न केवल पशुओं बल्कि मानव समाज को भी सुरक्षित रखा जा सके। तमिलनाडु सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।



