
वार्तालाप में | कादर अतिया द्वारा कोच्चि-मुजिरिस बिएनेले की क्यूरेशन में क्या उम्मीद करें
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कोच्चि: फ्रेंच-अल्जीरियाई कलाकार कादर अतिया सातवीं कोच्चि-मुजिरिस बिएनेले की क्यूरेशन करेंगे। यह बिएनेले, जो कला और संस्कृति का प्रमुख आयोजन है, हर दो साल में आयोजित होता है और दुनिया की आज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर विचार प्रस्तुत करता है। अतिया का उद्देश्य इस बार इसे एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ लोग मिल-जुलकर सह-अस्तित्व के मायने और तरीकों पर बातचीत कर सकें।
कादर अतिया ने कहा है कि उनकी क्यूरेशन का मूल संदेश ‘कैसे साथ रहना है’ पर केंद्रित होगा। वे इस बात पर जोर देते हैं कि वर्तमान समय में विभाजन और विरोधाभासों को कम करने के लिए कला को संवाद का माध्यम बनाना आवश्यक है। उनका मानना है कि बिएनेले न केवल कला प्रस्तुत करने का अवसर है, बल्कि यह मानवता के साझा अनुभवों को समझने और सहिष्णुता बढ़ाने का एक मंच भी बन सकता है।
कोच्चि-मुजिरिस बिएनेले, जिसे भारत की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी माना जाता है, पिछले कई वर्षों से स्थानीय कला एवं सामुदायिक सक्रियता को बढ़ावा देने में भी योगदान दे रहा है। इस बार की क्यूरेशन के जरिए अतिया सामाजिक एकता और विविधता के बीच तालमेल की खोज पर अधिक फोकस करेंगे। उनका मकसद कला की हर प्रस्तुति में आम लोगों की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें चर्चा का हिस्सा बनाना है, जिससे कला केवल देखने की वस्तु न रहे बल्कि संवाद और सहजीवन को प्रेरित करने वाला प्लेटफॉर्म बन जाए।
इस बिएनेले में उम्मीद की जाती है कि विश्वभर के कलाकार और आलोचक संगठित होकर विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर नवीन दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। कादर अतिया की क्यूरेशन एक ऐसी कला यात्रा होगी जो दर्शकों को अपने आसपास के समाज को पुनः समझने और सम्मान करने के लिए आमंत्रित करेगी।
कोच्चि-मुजिरिस बिएनेले 2024 के आयोजन के लिए कादर अतिया की भूमिका से यह स्पष्ट हो गया है कि यह कला उत्सव न केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सह-अस्तित्व और सामाजिक समझ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कला और संस्कृति को एक साथ जोड़ने वाले इस आयोजन में सामूहिक सोच और नवाचार की झलक देखने को मिलेगी।



