
एचपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं 2025 की परीक्षा में हेरफेर की पुष्टि की, अतिरिक्त अंक देने का आदेश दिया
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शिमला: हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (HPBOSE) ने कक्षा 10वीं की 2025 की परीक्षा में हेरफेर मामलों की पुष्टि करते हुए अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने साथ ही प्रभावित विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक प्रदान करने का आदेश भी जारी किया है।
यह मामला तब सामने आया जब कुछ अभिभावकों और परीक्षार्थियों ने बोर्ड को संदेह जताया कि परिणामों में अनियमितताएं हुई हैं। बोर्ड की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि परीक्षा परिणामों को प्रभावित करने वाले कई मामले सामने आए हैं। इसके बाद बोर्ड ने एक विशेष जांच कमेटी गठित की, जिसने व्यापक पहुंच और विश्लेषण करते हुए इस हेरफेर की पुष्टि की।
हिमाचल प्रदेश बोर्ड के अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा कि इस तरह की अनियमितताएं बोर्ड की निष्पक्षता और भरोसे को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और भी सख्त नियम बनाये जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने प्रभावित विद्यार्थी जो मूल्यांकन के दौरान उनके वास्तविक प्रदर्शन से कम अंक प्राप्त हुए हैं, उन्हें अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया है। यह कदम विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि उनकी पढ़ाई और कैरियर प्रभावित न हो।
विशेष जांच कमेटी ने बोर्ड के लिए यह भी सुझाव दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधार और कड़े मापदंडों को अपनाया जाए। इससे भविष्य में परीक्षा परिणामों में हेरफेर जैसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।
अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस कदम की सराहना की है और आशा जताई है कि बोर्ड इस पर पूरी तरह से काबू पाएगा। साथ ही, उन्होंने उत्तरदायित्वपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया बनाए रखने की अपील भी की।
हिमाचल प्रदेश बोर्ड ने इस घटना के साथ ही एक संदेश दिया है कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है और कोई भी प्रयास जो इस व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होते ही विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। तब तक बोर्ड परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेष सुरक्षात्मक उपाय लागू कर रहा है।
यह मामला शिक्षा जगत के लिए चेतावनी भी है कि तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से परीक्षाओं की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनाए रखी जानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश बोर्ड के इस कदम से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
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