
राष्ट्रपति भवन के भोज में साइप्रस के राष्ट्रपति के लिए सोधी, ठट्टू वड़ा शामिल
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राष्ट्रपति भवन में साइप्रस राष्ट्रपति के लिए आयोजित राज्य भोज में तमिल व्यंजनों का विशेष संगम
नई दिल्ली, 22 मई: राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्य भोज में विशेष रूप से सोलह कोर्स की तमिल भोजन परोसी गई, जिसका क्रेडिट वेलनेस शेफ केएस महेश ईश्वर को दिया गया। गोबिचेट्टिपालयम, कोयम्बटूर के निकट के रहने वाले महेश ने इस खास अवसर के लिए छह व्यंजनों की क्यूरशन की, जिसमें तमिलनाडु की पारंपरिक और पौष्टिक रेसिपी शामिल थीं। यह कार्यक्रम साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित किया गया था।
राज्य भोज का आयोजन 22 मई को राष्ट्रपति भवन में हुआ, जहां भारतीय संस्कृति और पाक कला की विविधता को दिखाया गया। महेश ने कैंचीपुरम से जुड़े प्रसिद्ध व्यंजनों का चयन करते हुए ऐसा मेनू तैयार किया जो भारतीय और विशेषकर तमिल खानपान की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करता था।
उन्होंने बताया, “मैंने अपने हिसाब से एक ऐसा मेनू तैयार किया जो स्वाद में संतुलित हो, साथ ही स्वास्थ्य के लिहाज से भी उपयुक्त हो। मैंने ठट्टू वड़ा, सोधी जैसे अनोखे तमिल व्यंजन शामिल किए जो प्राचीनतम रेसिपीज में गिने जाते हैं।”
तमिल व्यंजनों में मुख्य रूप से वर्षभर ताज़ी मिली सामग्रियों का उपयोग किया गया, जिनमें स्थानीय मसालों और दालों का भरपूर प्रयोग शामिल था। इसके साथ ही मेहमानों को दक्षिण भारतीय भोजन की विविधता और पौष्टिकता का अनुभव हुआ।
राष्ट्रपति भवन प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस तरह के सांस्कृतिक और पाक आयोजन भारत की विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ दो राष्ट्रों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दोनों देशों के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिन्होंने इस पारंपरिक तमिल भोजन की प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजकों ने वादा किया है कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि भारतीय सांस्कृतिक विरासत विश्वस्तर पर प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत हो सके।
इस पूरे आयोजन ने न केवल भारतीय तमिल भोजन की मिठास और कुशलता को दर्शाया बल्कि यह भी दिखाया कि देश की सांस्कृतिक धरोहर कितनी समृद्ध है और उसे विश्व स्तर पर किस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है।



