
विश्व रक्त कैंसर दिवस: विशेषज्ञों ने भारत में डोनर की कमी पर चिंता जताई, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री मजबूत करने पर जोर
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विश्व रक्त कैंसर दिवस पर विशेषज्ञों ने भारत में रक्त स्टेम सेल दान के क्षेत्र में उपज रही महत्वपूर्ण समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषकर मेट्रोपोलिटन शहरों में रक्त स्टेम सेल दान के प्रति जागरूकता बढ़ी है, किन्तु टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डोनर रजिस्ट्रेशन अभी भी अपेक्षाकृत कम हैं।
रक्त कैंसर जैसे बचपन से लेकर वयस्कों तक कहीं भी हो सकने वाले जानलेवा रोगों का इलाज रक्त स्टेम सेल दान पर निर्भर करता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्टेम सेल दान व्यवस्था को मजबूत न करने पर लाखों मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पाता। इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ बड़े शहरों में जागरूकता फैलाना पर्याप्त नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे शहरों की आबादी को भी इस पहल से जोड़ना बेहद आवश्यक है।
मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों में संस्थागत प्रयासों एवं डिजिटल माध्यमों की सहायता से स्टेम सेल दान के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, इससे डोनर रजिस्ट्रेशन में सुधार देखे गए हैं। इसके विपरीत, टियर-2 और टियर-3 शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में इसके बारे में सही जानकारी का अभाव और सामाजिक भ्रांतियों के कारण लोग अनिच्छुक हैं। इसका नतीजा यह है कि इन क्षेत्रों से डोनर रजिस्ट्रेशन बहुत कम हो रहे हैं।
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि रक्त स्टेम सेल दान के मुद्दे को समग्र रूप से समझाने के लिए स्थानीय भाषा में जागरूकता अभियान चलाना, स्कूल-कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं में गतिविधियों का आयोजन करना आवश्यक है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और सरकारी-गैर सरकारी संगठनों को मिलकर ग्रामीण एवं छोटे शहरों में लोगों के विश्वास को बढ़ाने एवं मिथकों को दूर करने में सक्रिय रूप से कार्य करना होगा।
रक्त कैंसर के इलाज में स्टेम सेल दान की भूमिका को समझते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि देश में मरीजों को इलाज तक बेहतर पहुंच प्रदान करने के लिए स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री को व्यापक और सशक्त बनाना होगा। इसके लिए अनिवार्य है कि टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दान देने वालों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे देशभर के मरीजों की मदद हो सके।
डोनर रजिस्ट्रेशन के पश्चात प्रभावित व्यक्ति के लिए स्टेम सेल दान की प्रक्रिया सुरक्षित और प्रभावी होती है, और इसे बढ़ावा देने वाला माहौल बनाने की आवश्यकता भी है। इस दिशा में सभी संस्थाएं और नागरिकों की भागीदारी जरूरी है।
अंततः, जागरूकता के विस्तार एवं डोनर रजिस्ट्री बढ़ाने से भारत में रक्त स्टेम सेल डोनर की कमी को कम किया जा सकता है, जिससे रक्त कैंसर से जूझ रहे हजारों मरीजों को नई जिंदगी मिलने में मदद मिलेगी।



