
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल तट से प्रवेश करेगा। केरल के कई जिलों के लिए विशेष तौर पर अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और त्रिशूर में भारी वर्षा की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
IMD के अनुसार इन जिलों में अगले कुछ दिनों तक तेज और निरंतर बारिश हो सकती है, जिससे किसानों और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान विभाग द्वारा गंभीर चेतावनी दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में असामान्य भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, जिससे जल निकासी प्रभावित हो सकती है और लोक जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत केरल में मजबूत रही है, लेकिन इसके बाद मानसून की गति और तीव्रता धीमी रह सकती है। इसके पीछे पश्चिमी राजस्थान में चक्रवात जैसी स्थितियां और समुद्र में मौजूदा मौसम पैटर्न जिम्मेदार माने जा रहे हैं। हालाँकि केरल और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता सामान्य बनी रहेगी और समय-समय पर अच्छी बारिश होगी।
केरल में मानसून शुरू होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कि बारिश में समृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ेगा और कृषि गतिविधियों को बल मिलेगा। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे भारी बारिश और संभव बाढ़ के कारणों से सावधानी बरतें और लोक प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आपदा प्रबंधन दल अलर्ट मोड में हैं और आपात स्थिति के लिए हर परिस्थिति से निपटने को तैयार हैं। सावधानी तथा सतर्कता के साथ केरल समेत दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस प्रकार, 4 जून से केरल में मानसून का आगमन निश्चित है, जिससे राज्य में राहत और हरियाली लौटेगी। हालांकि, मानसून के अगले चरण में इसके धीमे रहने के संकेत हैं, जिन्हें मौसम विभाग लगातार मॉनिटर कर रहा है। आम जनता से अनुरोध है कि मौसम अपडेट जरूर देखें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं।



