
भारत और यूके ने बेहतर सहयोग और तकनीकी साझेदारी के लिए क्रिटिकल मटेरियल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी शुरू की
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नई दिल्ली। अक्टूबर 2023 में भारत और यूनाइटेड किंगडम ने एक महत्वपूर्ण पहल का परिचय दिया था, जिसका नाम है ‘क्रिटिकल मटेरियल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी’। इस ऑब्जर्वेटरी की स्थापना का उद्देश्य खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना, आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और उन्नत तकनीकों का एकीकरण करना है।
भारत और यूके के इस संयुक्त मंच से दोनों देशों को वैश्विक खनिज बाजारों में स्थित प्रतिस्पर्धात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल विशेष रूप से उन खनिजों पर केंद्रित है जो आधुनिक तकनीकी उपकरणों और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में आवश्यक होते हैं।
ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख उद्देश्य
- खनिज संसाधनों की कवरिंग को विस्तृत करना
- आपूर्ति श्रृंखला की जांच और निगरानी बढ़ाना
- तकनीकी साझेदारी और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना
- देशों के बीच बेहतर डेटा साझाकरण को सक्षम करना
भारत के खनिज संसाधन विभाग और यूके सरकार के बीच इस सहयोगात्मक कदम से न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय पहलुओं पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दोनों देश परस्पर ज्ञान-विज्ञान और तकनीकी नवाचारों को साझा कर आपूर्ति की निर्बाधता और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं देशों के बीच आकर्षक साझेदारी का रास्ता बनाएंगी, जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के विकास के लिए अत्यावश्यक है।
यूनाइटेड किंगडम के उद्योग और व्यवसाय विभाग ने इस ऑब्जर्वेटरी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठहराते हुए कहा कि यह पहल दोनों देशों के लिए स्थायी आर्थिक विकास एवं क्लीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम अवसरों का द्वार खोलेगी।
इस पहल के तहत, दोनों देशों के विशेषज्ञ नियमित रूप से डेटा विश्लेषण, जोखिम मूल्यांकन, और बाजार प्रवृत्तियों पर एक-दूसरे के साथ सूचना साझा करेंगे, ताकि आपूर्ति संकट को समय रहते पहचाना जा सके और उससे निपटने के लिए रणनीतियाँ बनाई जा सकें।
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह ऑब्जर्वेटरी भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित होगी, जिससे भारत और यूके के बीच न केवल व्यापारिक बल्कि तकनीकी सहयोग को भी नई दिशा मिलेगी। यह कदम दोनों देशों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख भूमिका निभाने में समर्थ बनाएगा।



