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गीतम ने जून 2022 से नवंबर 2023 के बीच संगीता की पहचान के समान व्यापारिक पहचान का किया भ्रामक उपयोग: मद्रास उच्च न्यायालय


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चेन्नई, तमिलनाडु | 27 अप्रैल 2024

मद्रास उच्च न्यायालय ने गीतम के मालिकों को निर्देश दिया है कि वे जून 2022 से नवंबर 2023 के बीच संगीता के समान व्यापार पहचान का उपयोग कर अर्जित हुए लाभ सीधे संगीता के मालिकों को सौंप दें। न्यायमूर्ति सेन्तिलकुमार रामामूर्ति की अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापारिक पहचान में भ्रामकता एक गंभीर मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

न्यायालय की यह टिप्पणी तब आई जब संगीता के मालिकों ने अदालत में इस बात की शिकायत की कि गीतम ने जानबूझकर उनकी ट्रेड मार्क पहचान की नकल की है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं और उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। अदालत ने मामला गंभीरता से लिया और दोनों पक्षों के तर्कों को सुना।

अदालत के फैसले में कहा गया है कि गीतम द्वारा उपयोग की गई व्यापारिक पहचान न केवल संगीता से समान थी, बल्कि इसका उपयोग ऐसे समय में किया गया जब दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा भी थी। ऐसे भ्रामक व्यवहार से न केवल व्यापारिक प्रतिष्ठा को हानि पहुँचती है, बल्कि व्यापार में नैतिकता भी आघात पहुंचता है।

न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि व्यापारिक पहचान का दुरुपयोग उचित नियमन के अंतर्गत आता है और इस पर रोक आवश्यक है। न्यायमूर्ति रामामूर्ति ने अपने आदेश में कहा, “गीतम के मालिकों को उन सभी लाभों को वापस करना होगा जो उन्होंने इस निषिद्ध अभ्यास से अर्जित किए हैं तथा भविष्य में इस प्रकार की कोई भी कार्यवाही रोकनी चाहिए।”

संगीता के मालिकों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया और इसे न्याय का निर्वहन बताया। उनकी ओर से कहा गया कि यह निर्णय व्यापारिक विश्वसनीयता के लिए मील का पत्थर है और भविष्य में इस तरह के मामलों के लिए एक मिसाल कायम करेगा।

इस बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश अन्य व्यवसायों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे व्यापारिक पहचान के चयन और उपयोग में सावधानी बरतें और प्रतिस्पर्धा में नैतिकता बनाए रखें। बाजार में पारदर्शिता और उचित प्रतिस्पर्धा के लिए न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक होता जा रहा है।

मद्रास उच्च न्यायालय के इस निर्णय से स्पष्ट है कि न्याय व्यवस्था व्यापारिक हितों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रही है और व्यापारिक समुदाय को नियमों का पालन करने हेतु प्रोत्साहित कर रही है।


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