व्यापार

भारत के फार्मा निर्यात ने फरवरी तक पार किया $28 बिलियन, FY26 में रुपये के संदर्भ में वृद्धि की संभावना


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

नई दिल्ली। भारत का फार्मास्यूटिकल निर्यात फरवरी तक 28 बिलियन डॉलर निशान पार कर गया है, जो देश के स्वास्थ्य एवं औद्योगिक क्षेत्र दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह निर्यात निरंतर बढ़ते हुए अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में रुपये के संदर्भ में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर सकता है।

देश के फार्मा क्षेत्र के विशेषज्ञों और व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, यह बढ़ती निर्यात क्षमता न केवल भारत की दवा क्षेत्रों में वैश्विक स्थान को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। भारतीय फार्मा उद्योग, जो विश्व भर में जेनेरिक दवाओं के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में जाना जाता है, ने कोविड-19 महामारी के बाद उत्पादन तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यापक सुधार किए हैं।

रसायन और फार्मास्यूटिकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरुआत से लेकर फरवरी 2024 तक फार्मा निर्यात ने 28 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की दवाओं की मांग, खासकर उभरते हुए बाजारों में, के बढ़ने का प्रमाण है।

सरकारी सूत्र बताते हैं कि विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, रुपये के संदर्भ में निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है क्योंकि निर्यातकों ने स्थानीय मुद्रा प्रबंधन में रणनीतिक बदलाव किए हैं। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नए वैश्विक व्यापार अनुबंध और निर्यात को सुविधाजनक बनाने वाली नीतियां इस वृद्धि को और प्रोत्साहित करेंगी।

यह विकास न केवल फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। विदेशी मुद्रा अर्जन में बढ़ोतरी से चालू खाते के घाटे को कम करने में मदद मिलेगी और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

आगामी वर्षों में सरकार द्वारा निर्यात को समर्थन देने के उद्देश्य से नीतिगत सुधार और बेहतर विनियामक वातावरण तैयार करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में यह संभव है कि भारत की फार्मा निर्यात FY26 तक न केवल डॉलर के लिहाज से, बल्कि रुपये के संदर्भ में भी उल्लेखनीय वृद्धि के साथ समाप्त हो।

संक्षेप में, भारत का फार्मा उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ और व्यापक कर रहा है, जो घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी साबित हो रही है। निरंतर प्रयास और समर्पित रणनीतियों के कारण यह क्षेत्र आने वाले समय में और भी अधिक उच्च प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Back to top button