
इंडक्शन आधारित खाना पकाने से 13-27 गिगावाट ऊर्जा की मांग बढ़ेगी: अधिकारी
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नई दिल्ली। बिजली मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गैस आधारित पावर प्लांटों के संचालन में आई कमी को पूरा करने के लिए थर्मल पावर प्लांटों ने अपने निर्धारित रखरखाव को तीन महीने के लिए टाल दिया है। यह कदम देश में ऊर्जा उत्पादन को लगातार बनाए रखने और बिजली की मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गैस आधारित पावर प्लांटों में गैस की आपूर्ति संबंधी दिक्कतों के कारण उत्पादन में गिरावट आई है, जिससे थर्मल पावर प्लांटों को अधिक समय तक चलाना आवश्यक हो गया है। इस कारण, इन पावर प्लांटों के लिए उनकी नियमित सर्विसिंग और रखरखाव की अवधि आगे बढ़ा दी गई है।
मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय ऊर्जा तंत्र में किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा न आए, इसके मद्देनजर लिया गया है। साथ ही, इस दौरान ऊर्जा की गुणवत्ता और प्लांट की उत्कृष्टता पर भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि थर्मल पावर प्लांटों के रखरखाव को स्थगित करने से उनकी कार्यक्षमता पर कुछ दबाव आ सकता है, लेकिन इसमें सतर्कता और सही निगरानी से समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस दिशा में आवश्यक निगरानी कर रहा है।
देश में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं, मौजूदा समय में थर्मल पावर प्लांटों के निरंतर संचालन से पावर ग्रिड को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने जनता से अपेक्षा जताई है कि वे ऊर्जा संरक्षण पर भी ध्यान दें ताकि सरकार की योजना सफल हो सके।



