
वैश्विक सोने की मांग में जनवरी-मार्च 2026 में 2% वृद्धि, बार और सिक्कों की खरीदारी के कारण: WGC
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वैश्विक सोने की मांग में जनवरी से मार्च 2026 के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में सोने की मांग में मात्रात्मक रूप से वृद्धि सांधारण रही, लेकिन मांग मूल्य में जबरदस्त उछाल आया है, जो कि पिछले साल की तुलना में 74 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि रिकॉर्ड $193 बिलियन तक पहुंच गई है, जो सोने के लिए वैश्विक बाजार में निवेशकों और उपभोक्ताओं के बढ़ते रुचि को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, सोने की मांग में हुई यह वृद्धि मुख्यतः बार और सिक्कों की तेजी से बढ़ी खरीदारी की वजह से है। इन पारंपरिक भौतिक सोने के रूपों में निवेशकों की रुचि में इजाफा हुआ है, जो आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रास्फीति और जियोपॉलिटिकल तनावों के बीच सुरक्षित संपत्ति की तलाश में तेज बढ़ोतरी का संकेत है। WGC ने कहा कि इन पारंपरिक उपकरणों के माध्यम से सोने की क्रय शक्ति का विस्तार हुआ है और यह बाजार के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सोने की मांग का यह रिकॉर्ड स्तर न केवल निवेशकों की धारणा को बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी बदलाव को प्रदर्शित करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस उछाल का एक मुख्य कारण वित्तीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और मुद्रास्फीति की चिंताएं हैं, जिसके कारण निवेशक सोने को सुरक्षित और स्थिर विकल्प के तौर पर चुन रहे हैं।
वर्ष के पहले तिमाही में इस मांग वृद्धि का व्यापक असर सोने के मूल्यपर भी पड़ा है, जिससे खनिकों, जेवरात निर्माताओं और अन्य सम्बंधित क्षेत्रों को लाभ हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा आर्थिक और भूराजनीतिक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो वर्षों में सोने की मांग और निवेश दोनों में स्थिरता और वृद्धि बनी रह सकती है।
अंततः, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि सोने की मांग में वृद्धि केवल मात्रा में नहीं, बल्कि मूल्य में भी अभूतपूर्व है, जो वैश्विक वित्तीय बाज़ार में सोने की बढ़ती प्रासंगिकता को स्पष्ट करता है। निवेशकों व उपभोक्ताओं के लिए यह संकेत है कि सोना अभी भी उनके पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।



