धर्म / ज्योतिष

कार्तवेयर्जुन जयंती 2026 : 16 नवंबर को मनाई जाएगी


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली कार्तवेयर्जुन जयंती 2026 में 16 नवंबर को उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी। इस दिन को कार्तवेयर्जुन जयंती या कार्तवेयराज उत्पत्ति के नाम से भी जाना जाता है। कार्तवेयर्जुन जयंती भगवान कार्तवेयराज अर्जुन के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जो हिंदू धर्म में एक महान राजा माने जाते हैं।

ऐतिहासिक एवं पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तवेयराज अर्जुन हजारों हाथों वाले एक महाबली योद्धा थे। इन्हें श्री सूअर्र्शना चक्र का अवतार माना जाता है, जो धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। विभिन्न कथाओं में बताया गया है कि कार्तवेयराज अर्जुन ने अनेक युद्धों में अपनी वीरता और ज्ञान से अधर्म का नाश किया। उनकी ताकत और शौर्य की मिसाल आज भी धर्म-संप्रदायों में दी जाती है।

इस जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भक्तजन दिनभर मंदिरों में जुटते हैं और कार्तवेयराज अर्जुन के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस दिन भक्तगण विशेष रूप से उनके शाकाहारी उपवास का पालन करते हैं और धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी किया जाता है।

कार्तवेयराज अर्जुन की जयंती न केवल उनकी वीरता का स्मरण करती है, बल्कि यह धर्म, न्याय और कर्तव्यपालन के प्रति सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आधुनिक युग में भी इस दिन को मनाने का मकसद समाज में नैतिकता, साहस और धार्मिक विश्वास को पुनः जागृत करना है।

आने वाले 16 नवंबर 2026 को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि पर राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर कार्तवेयर्जुन जयंती के महत्व की याद दिलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पर्व सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक श्रद्धा और उत्सव का अवसर प्रदान करता है।

Source


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /var/www/9d3b87cf-5635-42c8-8024-fd11b68e14cb/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Back to top button