
नासा ने मिशन डिलीवरी तेज करने के लिए पुनर्संरचना की घोषणा
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वाशिंगटन: नासा ने शुक्रवार को अपनी एजेंसी में व्यापक पुनर्संरचना की घोषणा की है जिसका उद्देश्य मिशन पर ध्यान केंद्रित करना और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति को तेजी से लागू करना है। इस बदलाव से नासा को देश के सर्वोच्च प्राथमिकताओं वाले उद्देश्यों को तीव्रता और कुशलता से पूरा करने में मदद मिलेगी।
नासा के प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन और एजेंसी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मार्च के अंत में हुए इग्निशन इवेंट में आगामी अमेरिकी अंतरिक्ष नेतृत्व के अगले अध्याय को सफल बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्यों का वर्णन किया। राष्ट्रपति द्वारा जारी राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के तहत नासा को प्रतिभा और संसाधनों को आर्टेमिस कार्यक्रम को तेज करने, चंद्र बेस स्थापित करने, परमाणु अंतरिक्ष रिएक्टर विकसित करने, कक्षा अर्थव्यवस्था को प्रज्वलित करने और विज्ञान व खोज मिशनों का विस्तार करने पर केंद्रित करने का निर्देश मिला है।
इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नासा ने केंद्रों पर विशेषज्ञता बढ़ाने और मिशन निदेशालयों को एकीकृत करने की रणनीति अपनाई है ताकि तकनीकी उत्कृष्टता के साथ कार्य को आगे बढ़ाया जा सके। प्रमुख बदलावों में शामिल हैं:
- केंद्र निदेशक अब एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिय को रिपोर्ट करेंगे, जो प्रत्येक केंद्र की विशिष्ट क्षमताओं को बढ़ावा देंगे और संचालन एवं कर्मी स्वास्थ्य में निवेश मजबूत करेंगे।
- मिशन निदेशालय सीधे नासा के प्रशासक को रिपोर्ट करेंगे, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और तेजी से निर्णय लेने की संभावना बढ़ेगी।
- एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर को नासा का मुख्य अभियंता भी नियुक्त किया गया है, जो तकनीकी निर्णयों की निरंतरता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा।
- एजेंसी अपनी मूल दक्षताओं को पुनर्जीवित करने, ठेकेदारों को उचित जगह नागरिक कर्मचारियों में परिवर्तित करने, इंटर्नशिप प्रोग्राम मजबूत करने, तथा संयुक्त भर्ती पहल ‘नासा फोर्स’ से भविष्य के लिए स्थायी कार्यबल बनाने पर फोकस कर रही है।
नासा प्रशासक आइज़ैकमैन ने कहा, “यह पहल राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के समर्थन में मिशन के क्रियान्वयन पर हमारे असाधारण ध्यान को दर्शाती है। हम केवल उन्हीं लक्ष्यों पर संसाधन केंद्रित कर रहे हैं जिन्हें नासा ही पूरा कर सकता है और कार्यबल को गैरजरूरी नौकरशाही से मुक्त कर रहे हैं जो प्रगति में बाधक है। हमारा उद्देश्य दक्षताओं का पुनर्निर्माण करना और ऐसी संस्कृति स्थापित करना है जो श्रेष्ठतम प्रतिभाओं को आकर्षित करे जो सबसे चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों को सुरक्षित और तत्परता से पूरा कर सके।” उन्होंने कहा कि कोई नौकरी में कटौती नहीं होगी, न ही कोई कार्यक्रम रद्द होगा, न ही केंद्र बंद होंगे, लेकिन संचालन को अधिक प्रभावी बनाकर लागत में बचत की जाएगी।
मिशन निदेशालयों का पुनर्संरचना इस प्रकार है:
- ह्यूमन स्पेसफ्लाइट मिशन निदेशालय (HSMD): मंगल और चंद्रमा पर मानव अंतरिक्ष उड़ान के परिचालन को देखते हुए एक्सप्लोरेशन सिस्टम्स डेवलपमेंट और स्पेस ऑपरेशंस मिशन निदेशालय का एकीकरण किया गया है।
- रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी मिशन निदेशालय (RTMD): एरोनॉटिक्स रिसर्च और स्पेस टेक्नोलॉजी मिशन निदेशालय को एकीकृत कर नया RTMD बनाया गया है, जो अब परमाणु ऊर्जा और प्रपल्शन विकास के लिए जिम्मेदार होगा।
- साइंस मिशन निदेशालय (SMD): इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह नासा के वैज्ञानिक खोज कार्यों की बुनियाद बना रहेगा।
साथ ही कई नेतृत्व पदों की घोषणा की गई है, जिनमें मिशन सपोर्ट, कम्युनिकेशन, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, प्रमुख केंद्रों का निर्देशन, तथा महत्वपूर्ण प्रोग्राम प्रबंधन शामिल हैं। नासा के शीर्ष अधिकारियों की सूची और अन्य जानकारी NASA Leadership वेबसाइट पर उपलब्ध है।
नासा का यह पुनर्गठन एजेंसी को देश के अंतरिक्ष अभियानों में वैश्विक नेतृत्व बनाए रखने के लिए रणनीतिक दिशा देगा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाकर मिशन उद्देश्यों को तेजी से पूरा करने में सक्षम बनाएगा।
-समाप्त-
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