
‘हमेशा एक और रास्ता होता है’: रिक एलन ने बचे रहना, ड्रम बजाना और डेफ लेपर्ड के पहले भारत दौरे पर बातचीत की
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बेंगलुरु, कर्नाटक | 29 मार्च
रॉक संगीत की दुनिया में अपनी अनुकरणीय प्रतिभा और अद्वितीय संघर्ष कथा के लिए जाने जाने वाले डेफ लेपर्ड के महान ड्रमर रिक एलन ने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव और भारत के साथ जुड़े अपने संबंधों पर खुलकर बात की। डेफ लेपर्ड ने 29 मार्च को बेंगलुरु में अपने पहले भारत दौरे का समापन किया, जो कि उनके और भारतीय प्रशंसकों दोनों के लिए यादगार रहा।
रिक एलन, जिन्हें “वन-आर्मड ड्रमर” के नाम से भी जाना जाता है, ने अपनी जिंदगी में आए एक भयंकर हादसे के बाद भी अपना करियर सफलतापूर्वक जारी रखा। 1984 में एक सड़क दुर्घटना में अपना एक हाथ गंवाने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और नए उपकरणों और तकनीक के जरिये अपनी ड्रमिंग शैली को अद्भुत ढंग से पुनर्निर्मित किया। इस संघर्ष और प्रेरणा की कहानी ने उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच विशेष सम्मान दिलाया।
डेफ लेपर्ड के दशकभर से चले मशहूर एल्बम ‘हिस्टेरिया’ की यादें आज भी संगीत जगत में ताजा हैं। इस एल्बम ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और रिक एलन की ड्रमिंग को विश्वव्यापी पहचान दी। भारत के दौरे के दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय प्रशंसकों की ऊर्जा और उत्साह ने उन्हें और उनके बैंड को नया उत्साह और प्रेरणा दी है।
रिक ने कहा, “भारत की संगीत संस्कृति और यहाँ के लोगों का जोश हमें बहुत प्रभावित करता है। यह दौरा एक भावनात्मक अनुभव है जिसने हमारी संगीत यात्रा को फिर से जीवंत कर दिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि कैसे अनुशासन, लगातार अभ्यास और आत्म-विश्वास ने उन्हें कठिनाइयों को पार करने में मदद की।
डेफ लेपर्ड के इस दौरे ने भारतीय संगीत प्रेमियों को रॉक के इस महान द्वंद्वयुद्ध की नब्ज़ पर महसूस करने का मौका दिया। बेंगलुरु में आयोजित अंतिम कार्यक्रम में हजारों की संख्या में प्रशंसक मौजूद थे, जिन्होंने जोशीले अंदाज में अपनी पसंदीदा धुनों का आनंद लिया।
ड्रमिंग के प्रति रिक एलन के समर्पण और संगीतकारों के लिए उनका प्रेरणादायक दृष्टिकोण भारतीय युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, “हमेशा एक रास्ता होता है, बस हमें उसे ढूंढना होता है। मेहनत और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।”
डेफ लेपर्ड के भारत दौरे ने देश में रॉक संगीत के प्रति जागरूकता और प्रेम को नई दिशा दी है। भारतीय प्रशंसकों के बीच यह माना जा रहा है कि यह पूछरमा भारत में रॉक संगीत के प्रति भविष्य की संभावनाओं का संकेत है।
रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल इस बैंड के लिए यह अनुभव, संगीत के माध्यम से लोगों को जोड़ने और जीवन की कठिनाइयों को संगीत से पार करने का जश्न मनाने जैसा रहा।



