
भू-राजनीतिक तनाव के बीच मार्च तिमाही में सोने के ETF में ₹31,561 करोड़ का आकर्षण
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नई दिल्ली: मार्च तिमाही में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में ₹31,561 करोड़ का बड़ा निवेश देखा गया है। इस दौरान सोने के ETF का परिसंपत्ति आधार और निवेशक खातों दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेशकों की बढ़ती जोखिम संपत्ति के प्रति रुचि को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, मुद्रास्फीति की आशंका और बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में सोने का चुनाव कर रहे हैं। ETF के माध्यम से सोने में निवेश को प्रवृत्ति का कारण यह भी है कि यह पारंपरिक सोने की खरीददारी की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित माना जाता है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में, सोने के ETF परिसंपत्ति आधार में लगातार वृद्धि हुई है। निवेशकों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे यह प्रतिस्थापन पारंपरिक निवेश के रूप में लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान आने वाले महीनों में भी जारी रह सकता है यदि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव बरकरार रहते हैं।
आरबीआई की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च तिमाही में सोने के ETF का परिसंपत्ति आधार ₹1.5 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 25% अधिक है। इस वृद्धि में न केवल व्यक्तिगत निवेशकों का योगदान है, बल्कि संस्थागत निवेशकों की भी भागीदारी बढ़ी है।
विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशकों ने सोने के ETF को एक विविधतापूर्ण पोर्टफोलियो बनाने का विकल्प माना है क्योंकि सोना आर्थिक संकट में भी अपनी कीमत को स्थिर रखता है। वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के बीच, सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित हेवन (safe haven) की भूमिका निभा रहा है।
इस संदर्भ में वित्तीय सलाहकारों ने निवेशकों को जोखिमों को समझते हुए सोने में योजनाबद्ध और दीर्घकालिक निवेश करने की सलाह दी है। साथ ही, ETF के विकल्प से सोने में छोटी-छोटी राशि से निवेश भी संभव हो सकता है, जो शुरुआत करने वालों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।
निवेश बाजारों में इस तेजी के बीच, विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि निवेशक केवल सोने पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी निवेश रणनीति में विविधता बनाए रखें। विश्वव्यापी राजनीतिक स्थिरता के आधार पर बाजार की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए सतर्क और सूचित निवेश करना लाभकारी रहेगा।
कुल मिलाकर मार्च तिमाही में सोने के ETF की बढ़ोतरी ने निवेश के इस साधन को और अधिक आकर्षक और पहुँच योग्य बना दिया है। भू-राजनीतिक मुद्दों के बीच भी इस क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास और बढ़ना आर्थिक संकेतकों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।



