
तेल की बढ़ती कीमतों और आईटी स्टॉक्स की भारी बिकवाली से बाजार में तीसरे दिन भी गिरावट, सेंसेक्स 1,000 अंक लुढ़का
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मुंबई, 27 अप्रैल 2024: भारतीय शेयर बाजार में आज फिर से मंदी का दौर देखने को मिला। बीएसई का प्रमुख 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बुधवार को 999.79 अंक यानी 1.29 प्रतिशत गिरकर 76,664.21 के स्तर पर बंद हुआ। व्यापार के दौरान यह इंडेक्स एक समय 1,260.13 अंक या 1.62 प्रतिशत फिसलकर 76,403.87 तक गिर गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की इस कमजोरी के पीछे क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और आईटी क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली मुख्य कारण रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, जिससे ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र के संबंधित शेयर दबाव में आए हैं। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भी बड़े पैमाने पर शोरूम बिक्री ने बाजार की भांति को प्रभावित किया।
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सतर्कता बढ़ी है। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बांड यील्ड्स में वृद्धि ने भी विदेशी निवेशकों को बाजार से पीछे हटने के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा अग्रणी आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों के बाद शुल्क संरचनाओं और राजस्व वृद्धि में आई धीमी गति ने निवेशकों के मन में चिंता जागृत की है।
आज के कारोबारी सत्र में बीएसई की अधिकांश सेक्टोरियल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। वित्त, ऑटोमोटिव, और बैंकिंग सेक्टर समेत आईटी शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। एनएसई निफ्टी भी लगभग 300 अंकों की गिरावट के साथ 22,780 के करीब बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए तथा दीर्घकालिक रणनीतियों के अनुरूप ही निवेश निर्णय लेना चाहिए। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार से ही बाजार में तेजी आने की संभावना है। वे यह भी कहते हैं कि मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, बशर्ते निवेशक कंपनी के मौलिक पहलुओं की अच्छी तरह जांच करें।
इस बीच, विशेषज्ञ लगातार यह कहते आ रहे हैं कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक माहौल अभी भी अनिश्चित है। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें और बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
कुल मिलाकर, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हुई इस गिरावट से बाजार की खराब स्थिति स्पष्ट होती है, लेकिन उचित समझदारी और समझ के साथ निवेश किए जाने पर भविष्य में बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।



