
चक्रवात की भारी बारिश से पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन
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पापुआ न्यू गिनी, अप्रैल 2026: हाल ही में पापुआ न्यू गिनी के पूर्वी न्यू ब्रिटेन जिले में आए प्रचंड चक्रवात मायला की वजह से हुई भारी बारिश ने भूस्खलनों को जन्म दिया है। इन भूस्खलनों ने इलाके में व्यापक तबाही मचाई है और कई लोगों की जानें भी गई हैं। NASA के लैंडसैट 9 उपग्रह द्वारा खींची गई नवीनतम तस्वीरों से इस विनाशकारी आपदा की वास्तविकता सामने आई है।
अधिकांश पापुआ न्यू गिनी भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण, यहाँ सामान्यतः उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के आक्रमण का खतरा कम होता है। लेकिन इस बार समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म तापमान और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों ने मायला चक्रवात को इस क्षेत्र के करीब खड़े रहने को मजबूर किया। इसके परिणामस्वरूप तेज बारिश हुई, जिसने जंगलों से घिरे पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी को नरम कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी न्यू ब्रिटेन के गाजेल जिले में पहाड़ियों की ढाल और मिट्टी की खासियत ने इस भारी वर्षा के दौरान भूस्खलनों को प्रेरित किया। 9 अप्रैल के आस-पास हुई इस घटना में कई स्थानों पर मिट्टी और चट्टानों के बड़े-बड़े टुकड़े नीचे खिसक गए। नतीजतन, स्थानीय आबादी को भारी क्षति और जान-माल के नुकसान का सामना करना पड़ा।
NASA के लैंडसैट 9 उपग्रह से 20 अप्रैल 2026 को ली गई ताजा तस्वीरों में भूस्खलनों के बाद के निशान स्पष्ट दिखाई देते हैं। घने उष्णकटिबंधीय जंगलों की हरी चादर के बीच मिट्टी की उजली पट्टियाँ और मलबा पहाड़ों को काटते हुए बहती नदियों की ओर बढ़ रहा है। इसके विपरीत, एक तस्वीर 24 सितंबर 2025 की है, जिसमें भूस्खलनों से पहले का क्षेत्र सुरक्षित और हरा-भरा नजर आता है।
मायला चक्रवात की सबसे खास बात इसकी तीव्रता थी, जो ऑस्ट्रेलियाई चक्रवात माप प्रणाली के अनुसार कैटेगरी 4 तक पहुंची। इसके साथ ही यह धीरे-धीरे क्षेत्र में कायम रहा और लगातार बारिश के बादल इस हिस्से पर मंडराते रहे। NASA की ग्लोबल प्रिसिपिटेशन मेजरमेंट (GPM) मिशन की स्थिति बताती है कि इस दौरान कम समय में सैकड़ों मिलीमीटर बारिश हुई।
NASA का Landslide Hazard Assessment for Situational Awareness (LHASA) मॉडल वर्षा, ढलान, मिट्टी और भूमि आवरण के आंकड़ों के आधार पर संभावित भूस्खलन क्षेत्रों की पहचान करता है। इस मॉडल ने भी भूस्खलन की घटनाओं के दौरान गाजेल और बैनिंग पहाड़ियों को खतरे में बताया था।
स्थानीय प्रशासन और राहत संगठन प्रभावित इलाकों में जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए सक्रिय हैं। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं।
यह घटना पापुआ न्यू गिनी जैसे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जहाँ भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियाँ प्राकृतिक आपदाओं को तेज कर सकती हैं। ऐसे समय में सतत निगरानी, आपदा प्रबंधन और अनुकूलन रणनीतियाँ अत्यंत आवश्यक हो जाती हैं।
स्रोत: NASA Earth Observatory, स्थानीय समाचार रिपोर्ट, Global Precipitation Measurement mission, LHASA मॉडल।



