
अफ्रीका से लौट रहे सेटेलाइट टैगेड अमूर बाज़ भारत से होकर गुजरेंगे
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मणिपुर, 2025 – मणिपुर में सेटेलाइट टैगिंग के माध्यम से चिन्हित अमूर बाज़ अब अपनी लंबी उड़ान पर अफ्रीका से भारत की ओर लौट रहे हैं। ये पक्षी सर्दियों में सोमालिया तक प्रवास करते हैं और अब वसंत ऋतु में अपनी मातृभूमि की ओर वापस लौट रहे हैं।
अमूर बाज़, जो एक दुर्लभ और आकर्षक प्रजाति के पक्षी हैं, हर वर्ष भारी दूरी तय करते हुए भारत और अफ्रीका के बीच अपनी प्रवास यात्रा करते हैं। मणिपुर के वन अधिकारियों द्वारा 2025 में टैग किए गए ये पक्षी पहली बार सेटेलाइट की मदद से उनकी सटीक यात्रा पर निगरानी रखी गई है।
प्रवासी पक्षियों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के डेटा से प्रवास के पैटर्न, पर्यावरणीय प्रभाव और संरक्षण के उपायों को समझने में मदद मिलती है। अमूर बाज़ का यह यात्रा मार्ग भारत की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष टैग किए गए पक्षियों ने अफ्रीका के सोमालिया क्षेत्र में सर्दियों बिताई, जहां उन्होंने भोजन और पनाह की व्यवस्था की। अब वे भारत की ओर लौटते हुए पूर्वोत्तर राज्यों से गुजरेंगे। यह प्रवास प्रक्रिया प्रकृति के संतुलन और जैविक चक्र की महत्वपूर्ण कड़ी है।
विशेषज्ञों ने सभी पक्षी प्रेमियों और स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि वे इन प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा और उनके आवास का संरक्षण करें। साथ ही, ऐसी तकनीकों के उपयोग से प्रवासी मार्गों की अधिक ठीक जानकारी मिलने की संभावना है, जो भविष्य में पक्षियों की सुरक्षा कार्यों को और मजबूत बनाएगी।
अमूर बाज़ की यह विशाल यात्रा न केवल प्राकृतिक चमत्कार दिखाती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और शोध के लिए भी अनेक अवसर प्रदान करती है। आने वाले समय में इन प्रवासी पक्षियों के व्यवहार को समझकर और बेहतर रणनीतियाँ अपनाई जाएंगी, जिससे उनकी आबादी संतुलित बनी रहेगी।
अंत में, यह बताया जाना चाहिए कि प्रवासी पक्षियों की देखरेख और संरक्षण हमारे पर्यावरण में स्थिरता बनाए रखने के लिए अति आवश्यक है। मणिपुर वन विभाग एवं शोध संस्थान इस दिशा में निरंतर कार्यरत हैं।



